सी आय पी ट्रेनिंग दौरान सबसे बडा बदलाव

Manisha Tokle
Posted July 10, 2019 from India

भारत मे महाराष्ट्र राज्यके बिड जिल्हा मे मैकरीबन 8साल पहेले मुझे महिलाओ के साथ काम करते हुए पता चला की 23 साल की महिला का गर्भाशय निकाला था .तब मुझे ये गलत है ऐसा लगा.लेकीन ऊस विषय की जानकारी नही थी.मैने डॉक्टरोसे ऊस विषय पर बात करना शुरू किया.तब विश्वास आया की कम से कम 40की उम्र से पहेले .गर्भाशय निकालने की आवश्यकता नही होती . अगर आवश्यकता है तो भी वह2÷ से ज्यादा नही होसकती. 

       मैने ऐसी महिला  जीनका गर्भाशय निकाला  है जीनकी ऊम्र 30 से कम है .तो हमने सीव्हील सर्जन .कलेक्टर  और मिडीयासे ईस विषय पर बात  कीया .मतलब बी बी सी न्युज और द हिंदू  मे ये न्युज  आया .

      ईस का परिणाम  यह हुआ की बीड के कलेक्टर ने जिल्हा  स्तर पर सारे डिपार्टमेंट और एन जी ओ . (जागर प्रतिष्ठान बीड) ,शुगर केन कॉन्ट्रॅक्टर ,शुगर केन फॅक्टरी  के एम डी ,लेबर कमिशनर. मीटिंग लीया .ये जिल्हा स्तर पर सक्सेस हुआ .की कलेक्टर ने एक्शन लिया 

        ऊसके बाद महिला के लीए आर्थिक आधीकार,हेल्थ का अधिकार  ,महिलाओ केअधीकार पर काम करने वाले नेटवर्क  के साथ  मीटिंग  किया अडव्हकसी राज्य सरकार के साथ और एम एल ए के साथ , गर्भाशय निकाली गयी महिलाओ की मुंबई मे बात कराई .जीसकी वजह से विधानसभा मे लक्षवेधी हुयी .और ईस प्रश्न की जाच के लीए.एम एल ए .स्टेट के हेल्थ सेक्रेटरी .युनीसेफ के डॉक्टर  .हेल्थ कमिशनर  ईनको लेकर स्पेशल कमीटी बनाई गयी .उनके साथ हमारे नेटवर्क  के साथी और हमारी मिटींग भी हुयी .आगे 17,18 जुलै को बिड मे यह कमीटी आ रही है.

सरकार  के स्तर पर यह प्रश्न को दखल लेना पडा हमारा सक्सेस है .हेल्थ  नेटवर्क  तहेत सी आय पी  टीम  मे से काजल भी ईस विषय की अडव्हकसी का काम कर रही है.

  शुगर केन कटर्स महिलाओ के मानवाधिकार,  हेल्थराईट.आर्थीक आधीकार और व्हायलेस को लेकर बहोत सारे सवाल है.

    जीनको संघटीत करके ऊनके आधीकारो की लढाई  लढेगे .

 हमारी लढाई न्याय के लिये 

ईन्सान की तरह जीने के लीए

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