मैं और मेरे गीत

Minakshib
Posted September 22, 2020 from India
महिला के साथ कनेक्ट होकर सक्षक्तीकरण का काम करने के लिये कविता बोल रही हूं

मेरे गीत के बारे में में मैं बताना चाहती हूं

मैं जब काम में रहती हूं तो मुझे कोई जरूरत नहीं पडती किस बात की  लेकीन अकेली रहती तो  मुझे बहुत ही अकेलापन मेहसुस होता है तो मैं कुछ तो गुनगनाती हूं उसमे मेरा दिल भी लगता है और नया कुछ समझ में आता है.इसलिए मैं कविता लिखना ,गाणा ज्यादा पसंद करती हुं. मेरी ये कला से लोग मुझे अच्छी तरह जान रहे है मुझे भी अच्छा लगता है और एक बात है की गावं में रहने वाले लोगो को अधिक जाणकारी देना हो तो गाना , कविता , पथनाट्य के जरिए जानकारी देशी चाहिए ऐसे मुझे लगता है. और आगे भी मै ये कला डेव्हलप करने का सोच रही हूं .

This story was submitted in response to From Poetry to Paintings .

Comments 7

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Nini Mappo
Sep 22
Sep 22

Hello Minakshib,
I am glad that your music is healing and reminds you that you are not lonely. It is wonderful that words can keep us company so well.
Keep singing, sharing joy, sharing love :)

Minakshib
Sep 23
Sep 23

Thanks mam

Hello, Minakshi,

That's a nice song! Yes, music brings people closer. So please keep creating songs. Your gift will bless many.

Minakshib
Sep 23
Sep 23

Thanku so mach

Minakshib
Sep 23
Sep 23

Ok Thanks

ANJ ANA
Sep 27
Sep 27

प्यारी मिनाक्षी
गाना कविता बहोत हि प्रभावकारी माध्यम है जनचेतना के liy। मे आपको बहोत बधाई देन चाहतिहू कि आप बहोत अछा काम कर रही हो

बहोत सुभेक्छ्या और प्यार सहित
अन्जना

Minakshib
Sep 27
Sep 27

थॅक्यु दिदी आपकी शुभकामना ही मुझे आगे ले जा सक्ती है.