लाँकडाऊन की मार से सहमी जिंदगी

pratibha_ukey
Posted June 3, 2020 from India

 

ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण अंर्तगत प्रकृति संस्था नागपूर व चन्द्रपूर की 1456 एकल महिलाओं के साथ उनकी सामाजिक सुरक्षा तक पहुँच बढाने का कार्य कर रही है। इन्हे गावस्तर पर सहयोग मिलने हेतू स्थानीय ग्रामीण महिलाओं का नेतृत्व विकास का कार्य शुरू है। इस सबके द्वारा हमारा प्रयास है की ग्रामीण गरीब] निराधार एकल महिलाओं की पहुँच संसाधनों तक बढाना।

यह अपनी गती पकड रहा था पर अचानक कोविड 19 से देश-विदेश को महामारी का संकट झेलना पडा है। भारत के पंतप्रधान व राज्यों द्वारा लोगो की सुरक्षा हेतू लाँकडाऊन का सख्ती से पालन की घोषणा की गई। जिससे रोजगार व भूख के अभाव से गरीबों का बुरा हाल हो रहा है।

इस परिस्थिती से गांव की एकल महिलाओं की स्थिती अधिक संधर्षमय हुई। बच्चो की उम्मीद माँ से है। वे भी क्या करें। रोजगार] भूखमरी के मार से वेभी परेशान थी। उसे धाडस देनेवाली कोई नही था। भूखमरी से अपने परिवार को बचाना यही एकमात्र विचार उसके जेहन में था।

सावरमेंढा गांव की सुनंदा व उसकी सासु माँ एवं दोनो छोटे बच्चे परिवार में है। शासन की पेंन्शन लेने में वे अपात्र बनी। परिवार जिंदा रखने की कश्मकश में सास-बहु थी। बहु के मनपर इसका मनोवैज्ञानिक असर हुआ है वे गुमसम सी रहती है। हमे डर है वे कुछ बुरा (आत्महत्या) न कर बैठे।

मानेगाव की हसती-मुस्कुराती पार्बताबाई आर्थिक चिंता से अपना पाँव जला चुकी है। सिल्लोरी गांव की माया लाँकडाऊन में अपनी जान गवां चुकी है। ऐसी कितनी अगणित महिलाये रोजगार के अभाव में अनाज व उपचार को तरस गई है। ऐसे में शासन से कुछ विधवाओं के नाम से पेंन्शन आयी पर बॅंक तक जाने की सुविधा नही] रेशन लेने हेतू पैसा नही।

इस परिस्थिती में संस्था द्वारा ऐसी बेसहारा 47 महिलाओं की सुची बनाकर उन्हे दैनिेक जरूरतो की सामग्री किट का वितरण किया गया। शासन के विभागो से सम्पर्क कर सभी जरूरतमन्द महिला व श्रमिक मजदूरों तक रेशन सामग्री पहुँचे इसका ध्यान रखा। जिससे कार्यक्षेत्र की 180 महिलाए लाभान्वित हुई। इस कार्य में स्थानीय नेतृत्व लेनेवाली महिलाओं की टीम के साथ नेटवर्क के माध्यम से मदत पहुँचाने का काम किया गया। संस्था के कार्यकर्ता द्वारा गांवों में गरीब महिलाओं तक रिलीफ किट का वितरण किया गया। इसप्रकार से संस्था का लाँकडाऊन में कार्य रहा। अभी भी महिलाओं केा रोजगार व भूख से बचाने का हमारा संघर्ष जारी है।

Comments 2

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Jill Langhus
Jun 05
Jun 05

हाय प्रतिभा,

आप और आपका परिवार कैसे चल रहा है? मुझे यह सुनकर खुशी हुई कि आपका संगठन इन सभी महिलाओं की मदद करने में सक्षम है, और ऐसा करना जारी रखे हुए है। क्या आप विश्व पल्स "संसाधन" पृष्ठ को नियमित रूप से देखते हैं कि क्या आपके लिए आवेदन करने के लिए धन के अवसर हैं? कुछ COVID वाले रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि आप ज़रूरत से ज़्यादा महिलाओं की मदद करना जारी रखेंगे और आप और आपका परिवार सुरक्षित और अच्छी तरह से भी।

Chi8629
Jun 07
Jun 07

Thank you for sharing.